Hindu Nav Varsh 2079

भारतीय पंचांग और काल निर्धारण का आधार विक्रम संवत हैं। इसकी शुरुआत मध्य प्रदेश की उज्जैन नगरी से हुई थी। यह कैलेन्डर राजा विक्रमादित्य के शासन काल में जारी हुआ था। इसलिए इसे विक्रम संवत के नाम से जाना जाता हैं। इसी के अनुसार हर वर्ष नवरात्र के पहले दिन से ही हिंदू नववर्ष की शुरुआत होती है।

हिंदू पंचांग का शुभारम्भ गुड़ी पडवा वाले दिन से होता हैं। गुड़ी पड़वा हिन्दू नव वर्ष जिसे चैत्र माह की शुक्ल प्रतिपदा के दिन मनाया जाता हैं। इस दिन से नया साल शुरू होता हैं यह हिंदी वर्ष चैत्र से फाल्गुन तक माना जाता हैं। यह अंग्रेजी पंचागानुसार प्रतिवर्ष मार्च अथवा अप्रैल में मनाया जाता हैं।


अंग्रेजी वर्ष 2022 में हिंदू नववर्ष यानी कि नव-संवत्सर 2079 की शुरुआत शनिवार 2 अप्रैल 2022 से होगी। हिंदू पंचांग के अनुसार, चैत्र शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से नवरात्रि के शुरुआत के साथ ही हिंदू नववर्ष भी प्रारंभ हो जाता है। चैत्र माह से ही नव-संवत्सर यानी कि हिंदू नववर्ष की शुरुआत होती है। हिंदू नववर्ष यानी कि नवसंवत्सर 2079 के साथ ही शुभ कामों की शुरुआत भी हो जाएगी।

हिंदू नव वर्ष 2079 की हार्दिक शुभकामनाये

चारों तरफ हो खुशियाँ ही खुशियाँ
मीठी पुरनपोली और गुजियाँ ही गुजियाँ
द्वारे सजती सुंदर रंगोली की सौगात
आसमान में हर तरफ पतंगों की बारात
सभी को शुभ को नव वर्ष हर बार

ऋतू से बदलता हिंदू साल
नये वर्ष की छाती मौसम में बहार
बदलाव दिखता पृकृति में हर तरफ
ऐसे होता हिंदू नव वर्ष का त्यौहार

हिंदू नव वर्ष की हैं शुरुवात
कोयल गाये हर डाल- डाल पात-पात
चैत्र माह की शुक्ल प्रतिपदा का हैं अवसर
खुशियों से बीते नव वर्ष का हर एक पल

नए पत्ते आते है वृक्ष ख़ुशी से झूम जाते हैं
ऐसे मौसम में ही तो नया आगाज होता हैं
हम यूँही हैप्पी न्यू ईयर नहीं मनाते
हिंदू धर्म में यह त्यौहार प्राकृतिक बदलाव से आते