प्रमुख स्वस्ति मंत्र (ऋग्वेद / यजुर्वेद)
स्वस्ति न इन्द्रो वृद्धश्रवाः।
स्वस्ति नः पूषा विश्ववेदाः।
स्वस्ति नस्तार्क्ष्यो अरिष्टनेमिः।
स्वस्ति नो बृहस्पतिर्दधातु॥
हिंदी अर्थ: स्वास्तिक मंत्र
इन्द्र, जो महान यशस्वी हैं, वे हमें कल्याण प्रदान करें।
पूषा, जो सबको जानने वाले हैं, वे हमें मंगल दें।
गरुड़ (तार्क्ष्य), जिनका चक्र कभी नष्ट नहीं होता, वे हमें सुरक्षित रखें।
बृहस्पति (गुरु), वे हमें कल्याण प्रदान करें।